एनटी न्यूज़डेस्क/लखनऊ
उत्तर प्रदेश सरकार कोरोना वायरस के संक्रमण में आए लोगों को सुरक्षित करने में तमाम जतन करने में लगी है। इसके बाद भी कुछ लोग मकसद को सफल नहीं होना देना चाहते हैं। पीतलनगरी मुरादाबाद में कोरोना के संक्रमण में आकर दो लोगों की मौत के बाद स्वास्थ्य विभाग की टीम ने हर क्षेत्र में लोगों का परीक्षण शुरू किया है। इसी बीच बुधवार को टीम की कुछ उपद्रवियों ने हमला बोल दिया। वहां से मेडिकल टीम के कुछ लोग किसी तरह से जान बचाकर सीएमओ कार्यालय पहुंचे और उनको सारी स्थिति से अवगत कराया। चिकित्सकों की टीम को पिटता देख पुलिस की टीम भी भाग खड़ी हुई। उपद्रवियों ने एंबुलेंस में तोड़-फोड़ भी की और पथराव किया। इस घटना की जानकारी मिलने पर डीएम के साथ एसपी भी मौके पर पहुंचे।

चिकित्स्कों की टीम लोगो को कोरेन्टाइन के लिए पहुंची थी
मुरादाबाद में कोरोना वायरस के संक्रमण में आए परिवार के लोगों को चिकित्सकों की टीम क्वारंटाइन के लिए ले जाने पहुंची थी। इसी बीच टीम पर मुरादाबाद के नवाबपुरा मुहल्ले के लोगों ने हमला कर दिया। टीम पर न केवल पथराव किया गया, बल्कि एंबुलेंस में तोड़-फोड़ भी की गई। इसके चलते टीम को उल्टे पांव भागकर अपनी जान बचानी पड़ी। इनके साथ में गए चार पुलिस वाले स्वास्थ्य विभाग की टीम को छोड़कर भाग निकले। उपद्रवियों ने एक डॉक्टर को बंधक बना लिया है। अब इस सूचना के बाद क्षेत्र में पुलिस फोर्स भेजी जा रहा है। स्वास्थ्य कर्मियों के ईंट पत्थर के टुकड़े लगे हैं। डॉक्टर एचसी मिश्रा और एक टेक्नीशियन के गंभीर चोट आई हैं।
आरोपियों पर रासुका के तहत होगी कार्रवाई
हमले की घटना के बाद एडीजी लॉ एंड आर्डर पीवी रामाशास्त्री ने बताया कि मौके पर डीएम और एसएसपी पहुंच गए हैं। उन्होंने कहा कि यह जघन्य अपराध है और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि समाज पूरी तरह से सहयोग कर रहा है, लेकिन कुछ लोग अफवाह के चक्कर में ऐसी हरकतें कर रहे हैं। आरोपियों की शिनाख्त कर रासुका के तहत कार्रवाई की जाएगी।
मुरादाबाद के थाना नागफनी क्षेत्र के नवाबपुरा क्षेत्र में रहने वाला सरताज आठ अप्रैल को तबीयत बिगडऩे पर उपचार के लिए तीर्थंकर महावीर विश्वविद्यालय के मेडिकल कालेज पहुंचा था, जहां उसे भर्ती कर लिया गया। उसकी लक्षण को देखते हुए नौ अप्रैल को उसका सैंपल लिया गया था। 13 अप्रैल को देर शाम उसकी रिपोर्ट मिली, जिसमें कोरोना पॉजिटिव होने की पुष्टि हुई। उसी दिन रात दस बजे उसकी मौत हो गई। इसके बाद देर रात सरताज के परिजनों को क्वारंटाइन के लिए आइएफटीएम यूनिवर्सिटी ले जाया गया।
सरताज के छोटे भाई को भी तीन दिन से बुखार होने के कारण उसे क्वारंटाइन के लिए ले जाने के लिए बुधवार को स्वास्थ्य विभाग की टीम नवाबपुरा पहुंची। टीम के वहां पहुंचने के बाद मुहल्ले के लोग एकत्रित होना शुरू हो गए और बाकी परिजनों को ले जाने का विरोध करने लगे। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने उन्हें समझाने की कोशिश तो भीड़ में मौजूद कुछ लोगों ने हंगामा करना शुरू कर दिया और देखते-देखते ही टीम पर हमलावर हो गए।

