14 राज्यों में तब्लीगी जमात से जुड़े 800 लोग अभी तक संक्रमित मिले

एनटी न्यूज़डेस्क/श्रवण शर्मा/लखनऊ

तब्लीगी जमात के कारण देश में कोरोना संक्रमण के मामले तेजी से बढ़े हैं. केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक, दो दिन में 14 राज्यों में 800 ऐसे पॉजिटिव मरीज मिले हैं, जो तब्लीगी जमात से जुड़े है. वहीं, बीते 24 घंटे में 15 मौतें हुई हैं, जिनमें कई जमात से जुड़े हैं. मंत्रालय ने कहा कि एक गलती की वजह से संक्रमण इतनी तेजी से बढ़ा है. इस बीच, देश में मरीजों की संख्या बढ़कर 2,547 हो गई है, जबकि 68 लोग जान गंवा चुके हैं. इनमें से 21 तब्लीगी जमात से जुड़े हैं.

स्वास्थ्य मंत्रालय के संयुक्त सचिव लव अग्रवाल ने शुक्रवार को बताया कि दो दिन में तब्लीगी जमात से जुड़े 647 मरीज मिले हैं. लॉकडाउन व सामाजिक दूरी के कारण देश में पहले इस अनुपात में मरीज नहीं आ रहे थे. लेकिन रात को जब राज्यों के आंकड़े आए तो जमात से जुड़े मरीज करीब 800 हो गए. इनमें अकेले तमिलनाडु के 100 और नए केस जुड़ गए हैं. वहां अब कुल 411 कुल संक्रमित हैं और 1580 संदिग्ध अस्पतालों में भर्ती हैं.

इससे पहले अग्रवाल ने कहा था कि दिल्ली समेत अंडमान-निकोबार, असम, दिल्ली, हिमाचल प्रदेश, हरियाणा, जम्मू-कश्मीर, झारखंड, कर्नाटक, महाराष्ट्र, राजस्थान, तमिलनाडु, तेलंगाना, उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश में भी जमात से जुड़े संक्रमित मिले हैं. हमें यह समझना होगा कि कोरोना के खिलाफ लड़ाई मिलकर ही लड़ सकते हैं. एक गलती से हम और पीछे चले जाएंगे.

अग्रवाल ने कहा कि लॉकडाउन  संक्रमण रोकने का कारगर उपाय है, लेकिन बीते दिनों में केस तेजी से बढ़ने का मुख्य कारण एक कार्यक्रम रहा. इसे छोड़ दें तो लॉकडाउन और सामाजिक दूरी के चलते नए मामलों में इजाफा बेहद कम था. इस बीच, गृहमंत्रालय ने जमात में शामिल हुए 360 और विदेशियों को ब्लैकलिस्ट करने की कवायद शुरू कर दी है. ये लोग लॉकडाउन से पहले ही देश छोड़ चुके थे. इससे पहले जमात से जुड़े 960 विदेशियों को ब्लैकलिस्ट किया जा चुका है और उनके खिलाफ वीजा नियमों के उल्लंघन के तहत कार्रवाई की जा रही है.

24 घंटे में 336 नए मामले

अग्रवाल ने बताया, 24 घंटे में देश में 336 नए मामले मिलने के बाद मरीजों की संख्या 2,547 हो गई है. वहीं, 15 की मौत के साथ मरने वालों की संख्या 68 हो गई है. इस बीच, 162 मरीज ठीक हो चुके हैं. वायरस के जोखिम का आकलन करने में लोगों की मदद के लिए बनाए ‘आरोग्यसेतु’ एप को शुक्रवार शाम तक 30 लाख लोग डाउनलोड कर चुके हैं.

अब तक 66 हजार सैंपल की जांच

आईसीएमआर के विशेषज्ञ डॉ. रमन आर गंगाखेड़कर ने बताया, देश में अब तक 66 हजार सैंपल की जांच हो चुकी है. इनमें से आठ हजार बीते 24 घंटे में जांचे गए हैं. देश में 182 लैब में जांच हो रही है, जिनमें 130 सरकार द्वारा संचालित हैं.

गृहमंत्रालय ने शुरू की दो और हेल्पलाइन

गृहमंत्रालय की संयुक्त सचिव पुण्यसलिला श्रीवास्तव ने बताया, राज्य सरकारों को स्वास्थ्यकर्मियों पर हमले के मामलों में सख्त कार्रवाई करने और चिकित्सा उन्मूलन के लिए सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए लिखा है. गृह मंत्रालय के नियंत्रण कक्ष में 7 हेल्पलाइन नंबर थे. दो और नंबर बढ़ाए गए हैं. इसमें से 1930 (पूरे भारत के लिए टोल फ्री नंबर) और 1944 (पूर्वोत्तर के लिए समर्पित नंबर) शामिल हैं.

छह दिन में दोगुनी से ज्यादा मौत

स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक, 29 मार्च तक देश में कोरोना से मृतकों की संख्या 27 थी जो शुक्रवार को 56 हो गई. हालांकि पॉजिटिव मरीजों की तुलना में मौत का प्रतिशत 2.40 है. वहीं, कुल मरीजों में 6.8 फीसदी ठीक हो चुके हैं