फर्जी विजिलेंस आयुक्त को पुलिस ने दबोचा, नौकरी का झांसा देकर करते थे ठगी

एनटी न्यूज डेस्क/इटावा

इटावा पुलिस अधीक्षक आकाश सिंह तोमर की निर्देशन में इटावा पुलिस ने नौकरी का झांसा देकर लोगों से ठगी करने वाले फर्जी विजिलेंस उपायुक्त (IRS अधिकारी) एवं 2 पत्रकारों सहित 5 लोगों को गिरफ़्तार किया है। मुखबिर की सूचना पर चेकिंग के दौरान आरोपियों को पकड़ने में पुलिस नई सफलता प्राप्त की।

थाना सिविल लाइन पुलिस टीम द्वारा लाॅकडाउन के नियमों के अनुपालन के लिए डीएम चैराहे पर संदिग्ध वाहनों एवं व्यक्तियों की चेकिंग की जा रही थी। इसी दौरान मुखबिर ने पुलिस को सूचना दी कि एक नीली बत्ती लगी इनोेवा कार लौहन्ना चैराहे की ओर से इटावा शहर की ओर आ रही है। जिसमें लगभग 5 लोग सवार हैं। उनके द्वारा विगत कुछ समय से आम जनता को नौकरी आदि का झांसा देकर पैसे ठगने का काम करते है।

पुलिस टीम द्वारा मुखबिर की सूचना के आधार पर एसओजी इटावा व थाना सिविल लाइन की संयुक्त टीम द्वारा पुलिस लाइन तिराहे पर संघन चेकिंग की जाने लगी। इसी दौरान लौहन्ना चैराहे की ओर से एक नीली बत्ती लगी कार आती हुई दिखाई दी। जिसे पुलिस टीम द्वारा टाॅर्च की रोशनी दिखाकर रोकने का प्रयास किया गया। जिस पर कार सवार द्वारा गाड़ी रोककर भागने का प्रयास किया गया, जिन्हें पुलिस टीम द्वारा आवश्यक बल प्रयोग कर घेराबंदी करके पकड़ लिया गया।

पुलिस टीम द्वारा पकड़े गए 5 आरोपियों के पास से विजिलेंस अधिकारी का फर्जी आई.डी.कार्ड, भारी मात्रा में फैक्ट्री मेड रायफल, विभिन्न न्यूज चैनल की माइक आईडी, फर्जी मोहरें आदि सामान बरामद हुआ है।

पूछताछ में अभियुक्त मनीष कुमार ने बताया कि वह 2-3 सालों से लगातार विभिन्न जनपदों में विजिलेंस अधिकारी बनाकर लोगों से ठगी का काम कर रहा है। वह स्वयं किसी भी व्यक्ति के खिलाफ आई.जी.आर.एस. शिकायत डालकर सरकार की ओर से जांच टीम बनकर व्यक्ति को ब्लैकमेल करके रूपये ठगने का काम करते थे।

पुलिस पूछताछ में यह तथ्य भी सामने आया कि अभियुक्त मनीष बर्खास्त बैंक PO कर्मचारी है जिसे बैंक द्वारा बैंक लोन धोखाधड़ी में बर्खास्त कर दिया गया था। उसके बाद से ही अभियुक्त द्वारा फर्जी आई.आर.एस. अधिकारी बनकर ठगी की जा रही थी। भियुक्त द्वारा स्वयं को आई.आर.एस. अधिकारी के तौर पर दिखाने के लिये फर्जी आई.डी. कार्ड व फर्जी बेवसाइट भी बनायी गयी थी।