कृषि बिल से किसानों को मिला नैतिक हक- रामबाबू द्विवेदी

न्यूज़ टैंक्स | लखनऊ

रामबाबू द्विवेदी, किसान मोर्चा प्रदेश उपाध्यक्ष, भारतीय जनता पार्टी

बाराबंकी। मोदी सरकार किसानों के प्रति सदैव संवेदनशील रही है, किसान कैसे शसक्त हो इसको लेकर कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए। यह बात भाजपा किसान मोर्चा के प्रदेश उपाध्यक्ष रामबाबू द्विवेदी ने कही। उन्होंने कांग्रेस का नाम लिये बिना कहा कि, जिन्होंने साठ साल तक देश मे शासन किया उन लोगों ने किसानों को बंधुवा मजदूर समझा, जो भी योजना लाये वह सिर्फ और सिर्फ चुनाव तक ही सीमित रहा। लेकिन केंद्र की मोदी सरकार अन्नदाता को उनका नैतिक हक दिलाने और मजबूत करने के लिए काम कर रही है।

उन्होंने कृषि बिल की सराहना करते हुए कहा कि ,
किसान की आय दोगुनी करने के संकल्प के साथ भारतीय जनता पार्टी की सरकार प्रतिबद्ध केंद्र की मोदी सरकार बनते ही सबसे पहले देश के अन्नदाताओं की चिंता करते हुए यशस्वी प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में 70 साल बाद सदन में पास हुए कृषि विधेयक से देश के अन्नदाता को बिचौलियों के चंगुल से मुक्ति दिलाने का कार्य किया अब हमारा अन्नदाता अपनी उपज अपने हिसाब से बेचने के लिए स्वतंत्र है, वास्तव में किसानों को सही आजादी अब मिली है, पहले हमारे किसान सिर्फ स्थानीय मंडी और स्थानीय खरीददारों तक सीमित थे। जहां पर मंडियों में पारदर्शिता नहीं हो पाती थी जिससे हमारे अन्नदाता अपनी फसल को बेचने के लिए लंबी-लंबी लाइने में काफी समय तक रुकना पड़ता था नीलामी में फसलों की देरी होती थी। साथ ही स्थानी माफियाओं की मार झेलनी पड़ती थी माननीय प्रधानमंत्री जी द्वारा लाया गया बिल इन मुसीबतों से छुटकारा दिलाएगा खेती में निजी निवेश होने से विकास और तेजी से होगा तथा रोजगार के अवसर बढ़ेंगे।

उन्होंने कहा कि, कृषि क्षेत्र की अर्थव्यवस्था मजबूत होने से देश की आर्थिक स्थिति मजबूत होगी,क्योकि हमारे अर्थव्यवस्था का मुख्य आधारा कृषि ही है। श्री द्विवेदी ने जोर देते हुए कहा न्यूनतम समर्थन मूल्य पहले की तरह ही जारी रहेगा पहले भी जारी था अब भी जारी है आगे भी जारी रहेगा। मंडिया पहले की तरह जारी रहेगी वहां पहले की तरह व्यापार होता रहेगा। किसान भाइयों को पहले की भांति मंडी में फसल बेचने के साथ बाहर का भी विकल्प मिलेगा किसान अपनी स्वेच्छा से जहां अधिक मूल्य मिलेगा वहां अपनी फसल बेचने के लिए स्वतंत्र होगा।

किसान को अनुबंध के समय स्वतंत्रता रहेगी कि अपनी फसल का दाम स्वेच्छा से तय कर सके देश में लगभग 10000 कृषक उत्पादक समूह तैयार किए जा रहे हैं कांट्रैक्ट सिर्फ उत्पाद पर लागू होगा जमीन पर नहीं।

कोर्ट कचहरी जाए बिना ही स्थानीय स्तर पर विवाद के निस्तारण की व्यवस्था रहेगी किसान अपनी फसल का सौदा दूसरे राज्यों में भी करने के लिए स्वतंत्र होगा जिससे उसको अच्छे धाम मिलेंगे जब एक राज्य से दूसरे राज्य के व्यापारियों में प्रतिस्पर्धा होगी तो किसान को इसका लाभ मिलेगा किसान व्यापारी इलेक्ट्रॉनिक ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म के माध्यम से एक व्यापार क्षेत्र में राज्य के अंदर या दूसरे राज्यों के साथ व्यापार में शामिल हो सकते हैं।

इस विधेयक से देशभर के किसानों को वन नेशन वन मार्केट की अवधारणा को बढ़ावा मिलेगा अब किसान उपज से खाद उत्पादन बनाने वाली कंपनियों ठोक और फुटकर विक्रेताओं और निर्यातकों आदि के साथ उपज की बिक्री के लिए सीधे करार या व्यवसायिक समझौता कर सकेंगे।

रामबाबू ने कहा, खरीददार द्वारा उपयुक्त कृषि मशीनरी तथा उपकरण की व्यवस्था की जाएगी फसल उत्पादन के दौरान फसल पर किसान का मालिकाना हक बना रहेगा वह फसल का बीमा कराएगा, आवश्यकता होने पर किसान वित्तीय संसाधनों से ऋण भी ले सकेगा यह विधेयक किसान को 3 दिवस के अंदर भुगतान की गारंटी देगा किसी भी प्रकार का विवाद 30 दिनों के अंदर स्थानीय स्तर पर निपटारा करना होगा किसान खरीददार से सीधे जुड़ेगा बिचौलियों का राज समाप्त होंगे।

किसान को माल ढुलाई का व्यय नहीं देना होगा। श्री द्विवेदी न कहा, मोदी सरकार लगातार एमएसपी को बढ़ा रही है पहले की भांति सरकारी खरीद जारी रहेगी वह बीड के बीच महामारी से निपटने के लिए कृषि क्षेत्र को बढ़ावा देने के लिए आत्मनिर्भर भारत के तहत एक लाख करोड़ रुपए का आवंटन मोदी सरकार द्वारा किया गया।

किसान की आय दोगुनी होगी किसान मजबूत खुशहाल होगा। अब तक स्वेल हेल्थ कार्ड 22 करोड़ 41 लाख जारी हुए पीएम फसल बीमा से सात करोड़ 9300000 किसान लाभान्वित हुए पीएम किसान सम्मान निधि से 10 करोड़ 62 लाख को सीधे खाते में पैसा भेज कर लाभान्वित करने का कार्य किया गया पी नाम से रजिस्टर किसान एक करोड़ 60 लाख हैं लोकसभा में ऐतिहासिक कृषि सुधार विधेयक का पारित होना देश के किसानों और कृषि क्षेत्र के लिए एक महत्वपूर्ण क्षण है यह विधेयक सही मायने में बिचौलियों और तमाम अवरोधों को समाप्त करेगा वास्तव में किसानों को यह विधेयक आमदनी दोना करने वह आजादी दिलाने में महत्वपूर्ण योगदान करेगा।