प्रदेश में विकसित होंगी 26 आदर्श नगर पंचायत, होगा अवस्थापना सुविधाओं का समग्र विकास- नगर विकास मंत्री

लखनऊ: बढ़ते शहरीकरण को सुनियोजित ढंग से विकास की धारा में लाने के लिए उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा निरन्तर प्रयास किए जा रहे हैं। इसके लिए सरकार पहले से ही पंडित दीन दयाल उपाध्याय आदर्श नगर पंचायत योजना चला रही है। इसी क्रम में प्रदेश सरकार ने 26 जनपदों में नगर पंचायतों का चयन किया है, जिन्हें आदर्श नगर पंचायत के रूप में विकसित किया जाएगा। इसका निर्णय प्रदेश के माननीय नगर विकास आशुतोष टंडन जी ने लिया है। चयनित आदर्श नगर पंचायतों में अवस्थापना सुविधाओं का समग्र विकास किया जाएगा।


माननीय नगर विकास मंत्री श्री आशुतोष टंडन ने अपने इस निर्णय के बारे में बताया, “प्रदेश के माननीय मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की प्रेरणा से प्रदेश के समस्त जनपदों में प्रति वर्ष एक छोटी एवं पिछडी नगर पंचायतों का चयन कर उनमें अवस्थापना सम्बन्धी सुविधाओं के समुचित विकास हेतु पं. दीन दयाल उपाध्याय आदर्श नगर पंचायत योजना के नाम से महत्वपूर्ण एवं जनहित की योजना प्रारम्भ की गई है। इस योजना के अन्तर्गत वित्तीय वर्ष 2020-21 के लिये 26 जनपदों की नगर निकायों का चयन कर उन्हें आदर्श नगर पंचायत बनाए जाने का निर्णय लिया गया है। सरकार पंडित दीन दयाल उपाध्याय आदर्श नगर पंचायत योजना के अंतर्गत प्रतिवर्ष प्रदेश के सभी 75 जिलों से एक नगर पंचायत का चयन आदर्श नगर पंचायत के रूप में करती है। इसके लिए प्रत्येक वर्ष हर जिले से प्रस्ताव मंगाया जाता है। प्राप्त प्रस्तावों में से 26 का आदर्श नगर पंचायत के रूप में चयन हो चुका है तथा शीघ्र ही शेष जिलों से आए प्रस्तावों पर आदर्श नगर पंचायत के चयन का कार्य भी पूरा कर लिया जाएगा।”
उन्होंने बताया, “छोटे नगर निकायों के पास आय के स्रोत कम होते हैं। वहीं, कम आमदनी होने के चलते छोटे नगर निकायों में समुचित विकास कार्य नहीं हो पाते हैं। सरकार ने इसी तथ्य को ध्यान रखते हुए पं. दीन दयाल उपाध्याय आदर्श नगर पंचायत योजना की शुरुआत की है, ताकि प्रति वित्तीय वर्ष हर जिले की एक नगर पंचायत को आदर्श नगर पंचायत के तौर पर चयनित कर वहां नागरिक सुविधाओं का गुणवत्तापूर्ण विकास किया जा सके।”
मंत्री ने बताया, “चयनित निकायों में सभी घरों में शुद्ध पेयजल की पाइप वाटर सप्लाई की व्यवस्था, सेप्टेज मैनेजमेंट की व्यवस्था, आन्तरिक गलियों, सड़कों में डामर रोड, सी.सी. रोड, इण्टरलॉकिंग, साइड पटरी, दोनों साइड नालियों, जल निकासी, फुटपाथ का निर्माण, सुधार, सड़कों के निर्माण से पूर्व विद्युत तथा टेलीफोन के तारों को अण्डरग्राउण्ड करना, समस्त आबादी वाले क्षेत्रों में मार्ग प्रकाश व्यवस्था हेतु सोलर लाइट, एल.ई.डी. लाइट लगाया जाना, सार्वजनिक, व्यक्तिगत शौचालय का निर्माण करना, तालाब का सौंदर्यीकरण एवं जल संग्रहण क्षेत्र का संरक्षण, मुख्य चौराहों, सड़कों का निर्माण, पार्क, खेल के मैदान का निर्माण,सुधार, सामुदायिक केन्द्र का निर्माण एवं गौशाला निर्माण आदि का कार्य कराया जायेगा। चयनित निकायों से कार्ययोजना प्राप्त कर उन्हें नियमानुसार धनराशि यथाशीघ्र आवंटित करने के निर्देश विभाग को दिए गए हैं।”
चयनित नगर निकायों के नाम इस प्रकार हैं- रुदौली -नगर पालिका परिषद (अयोध्या), अझुवा (कौशाम्बी), घिरौर (मैनपुरी), बलरामपुर -नगर पालिका परिषद (बलरामपुर), कटरा मेंद्नीगंज (प्रतापगढ़), माधौगंज (हरदोई), पं. दीनदयाल उपाध्याय नगर (चंदौली), ललितपुर -नगर पालिका परिषद(ललितपुर), मण्डावर (बिजनौर), बनकटी (बस्ती), खरगूपुर (गोंडा), फरीदनगर (गाजियाबाद), हरिहरपुर (संत कबीर नगर), सिरसागंज-नगर पालिका परिषद (फिरोजाबाद), भटनी बाजार (देवरिया), कछला (बदायूं), कौड़ियागंज (अलीगढ़), बहादुरगंज (गाजीपुर), मटौध (बांदा), सुल्तानपुर-नगर पालिका परिषद (सुल्तानपुर), सिद्धौर (बाराबंकी), मधुबन (मऊ), अम्बेहटा (सहारनपुर), मोहानपुर (कासगंज), कप्तानगंज (कुशीनगर) व मुरसान (हाथरस)।