न्यूज़ टैंक्स | लखनऊ

राष्ट्रीय राष्ट्रवादी पार्टी नें मुख्यमंत्री आदित्यनाथ से लिखित मांग किया कि राष्ट्रीय आपदा मोचन अधिनियम-2005 का उलंघन करने वाले बलरामपुर चिकित्सालय के निदेशक के विरुद्ध जल्द वैधानिक कार्यवाही की जाये अन्यथा हम कोर्ट जायेंगे,
मुख्यमंत्री को लिखे पत्र में लिखा कि कि दिनांक 19 अगस्त 2020 को शासन द्वारा जिलाधिकारी के माध्यम से एक आदेश सं० 163 हुआ था जिसमें स्पष्ट आदेश था कि “कोविड चिकित्सालयों में कार्यरत कर्मचारियों का इस्तीफा सक्षम अधिकारी द्वारा लिया जायेगा”
लेकिन दिनांक 25 अगस्त 2020 सक्षम अधिकारी न होने के बावजूद बलरामपुर चिकित्सालय के निदेशक एवं प्रमुख अधीक्षक नें मुख्यमंत्री द्वारा लोकार्पित कोविड-19 परिक्षण लैब जिसमें लगभग 250 रोज जांचें होती हैं, उस लैब के डा० नचिकेता और डा० गोडबोले का इस्तीफा प्राप्त कर दूसरे लैब मैक्रोबिलोजिस्ट की मांग किया (संलग्न) जो न सिर्फ अधिकारों का अतिक्रमण, उलंघन है अपितु राष्ट्रीय आपदा मोचन अधिनियम-2005 की अवहेलना भी है |
मुझे विश्वस्त सूत्रों से ज्ञात हुआ है कि इस्तीफा देने वाले डा० नचिकेता और डा० गोडबोले अगले १० दिनों में अपनी सेवाएँ देने अमेरिका जा रहे हैं |
अतः माननीय से सादर अनुरोध है कि कृपया उक्त मामले की गंभीरता को देखते हुए बलरामपुर चिकित्सालय के निदेशक एवं प्रमुख अधीक्षक पर वैधानिक कार्यवाही करें और भारत की बजाये धन कमाने के मकसद से अमेरिका को सेवा देने जा रहे डा० नचिकेता और डा० गोडबोले को रोक कर सेवा ली जाये |
- डीएम् का आदेश है कोरोना काल में इस्तीफा देना लेना क़ानूनी अपराध है लेकिन इस्तीफा देकर अमेरिका जा रहे हैं बलरामपुर चिकत्सालय के डा० नचिकेता और डा० गोडबोले
- निदेशक पर जल्द वैधानिक कार्यवाही न हुई तो रारापा पार्टी जाएगी हाई कोर्ट

