एनटी न्यूज़ डेस्क/ प्रधानमंत्री जी कहिन
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने उम्मीद जताई है कि भारत जल्द 320 लाख करोड़ रुपये की अर्थव्यवस्था बनेगा. रविवार को उन्होंने तीन दिवसीय वैश्विक निवेशक सम्मेलन ‘मैग्नेटिक महाराष्ट्र: कन्वर्जेस 2018’ का उद्घाटन किया. बांद्रा कुर्ला कॉम्प्लेक्स के एमएमआरडीए ग्राउंड पर आयोजित इस सम्मेलन में प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संबोधन में कहा कि कुछ वर्ष पहले जब भारत एक खरब की अर्थव्यवस्था बनकर उभरा था, तो यह खबर अखबारों की सुर्खियां बनी थी, लेकिन इसके बाद के कुछ वर्ष घोटालों की भेंट चढ़ गए और भारत की छवि धूमिल हुई.
लेकिन एक सच्चई यह भी
प्रधानमंत्री मोदी अब पिछले तीन-चार वर्षो के निरंतर प्रयास से स्थिति फिर सुधरी है. बड़ी-बड़ी एजेंसियां कहने लगी हैं कि भारत 320 लाख करोड़ रुपये की अर्थव्यवस्था बनने जा रहा है.
मोदी के अनुसार देश का विकास तभी हो सकता है, जब राज्यों का भी विकास हो. इन दिनों अलग-अलग राज्य निवेश आमंत्रित करने के लिए प्रयास कर रहे हैं.
इसके साथ ही प्रधानमंत्री मोदी ने बुनियादी ढांचे की परियोजनाओं में हो रही देरी को चिंताजनक बताया और अपने सरकार की तारीफ़ करते हुए उन्होंने कहा कि हमने बुनियादी ढांचे की परियोजनाओं को समय से पूरा करने के लक्ष्य को आगे बढ़ाते हुए, काफी हद तक सफलता पाई हैं लेकिन पिछली सरकारों की नाकामी की वजह से इन परियोजनाओं की लागत में करीब 2 लाख करोड़ की वृद्धि हुई है.
Some more glimpses …#MagneticMaharashtraConvergence2018 pic.twitter.com/3vb3WTzOoy
— Devendra Fadnavis (@Dev_Fadnavis) February 18, 2018
पीएम ने की महाराष्ट्र सरकार की तारीफ़
प्रधानमंत्री ने महाराष्ट्र सरकार की तारीफ करते हुए कहा कि पिछले वर्ष देश में आए कुल विदेशी निवेश का 51 फीसद अकेले महाराष्ट्र में आया है.
पीएम ने कहा कि उद्योग लगाने की प्रक्रियाओं को आसान किया जा रहा है. 1400 से ज्यादा जटिल कानून खत्म किए गए हैं. नए कानून बनाते समय ध्यान रखा जा रहा है कि उनमें जटिलता न आने पाए. कई परियोजनाओं की गति अब पहले से दो-तीन गुनी हो चुकी है.
दो लाख करोड़ बढ़ा बुनियादी ढांचे की परियोजनाओं का खर्च
देश में बुनियादी ढांचे से जुड़ी 349 परियोजनाएं महंगी हो गई हैं. देरी और अन्य नियामकीय मंजूरियां हासिल करने की प्रक्रिया में इनकी लागत में दो लाख करोड़ रुपये से ज्यादा की बढ़ोतरी हो चुकी है.
इनमें से प्रत्येक परियोजना की लागत 150 करोड़ या इससे ज्यादा है. इस लागत की परियोजनाओं की निगरानी सांख्यिकी एवं कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय करता है.
When Hon PM @narendramodi ji visited and interacted with representatives from various sectors, companies and countries in the exhibition area of #MagneticMaharashtra Convergence 2018.#MadeForBusiness pic.twitter.com/lUVyrNn8hg
— Devendra Fadnavis (@Dev_Fadnavis) February 18, 2018
1,283 परियोजनाओं की लागत बढ़ी
मंत्रालय की रिपोर्ट मुताबिक, 15,58,352.33 करोड़ रुपये की प्रारंभिक अनुमानित लागत वाली 1,283 परियोजनाओं की लागत का अनुमान 17,59,443.87 करोड़ रुपये पर पहुंच चुका है. इनकी लागत में 2,01,091.54 करोड़ रुपये यानी लगभग 12.90 फीसद की वृद्धि हो चुकी है.
मंत्रालय ने कुल 1,283 परियोजनाओं पर रिपोर्ट जारी की है. इनमें से 349 की लागत बढ़ गई और 302 परियोजनाएं समय से देरी से चल रही हैं. 12 परियोजनाएं पूरी हो गई हैं, जबकि 13 परियोजनाएं समय से आगे चल रही हैं.
317 परियोजनाएं अपने निर्धारित समय से चल रही हैं. 105 परियोजनाएं ऐसी हैं, जिनकी लागत भी बढ़ी है और इनमें देरी भी हो रही है. देरी की गणना परियोजनाओं के शुरुआती शेड्यूल के आधार पर की गई है.
रिपोर्ट्स बेहद चिंता जनक हैं…
रिपोर्ट के अनुसार, देरी से चल रही 302 परियोजनाओं में से 49 परियोजनाएं एक से 12 महीने तक पीछे हैं. 66 परियोजनाएं 13 से 24 महीने, 108 परियोजनाएं 25 से 60 महीने और 79 परियोजनाएं 61 महीने से ज्यादा की देरी से चल रही हैं.
रिपोर्ट में भूमि अधिग्रहण, पर्यावरण मंजूरी, उपकरणों की आपूर्ति, फंड की कमी, माओवादियों के दखल और कानूनी अड़चनों को देरी की प्रमुख वजह बताया गया है.
हमारी सरकार में लटकते नहीं प्रोजेक्ट
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नई मुंबई अंतरराष्ट्रीय विमानतल का शिलान्यास करते हुए कहा कि नागर विमानन क्षेत्र में हो रही प्रगति से लाखों की संख्या में रोजगार का सृजन होगा. उड़ानों की संख्या बढ़ने से विदेशी पर्यटकों का आवागमन बढ़ेगा.
उन्होंने कहा कि पर्यटन एक ऐसा क्षेत्र है, जो बहुत कम लागत में अधिक रोजगार पैदा कर सकता है. इस परियोजना में हुई देरी के लिए वह पूर्व की संप्रग सरकार की खिंचाई करने से भी नहीं चूके.
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि इस विमानतल की परिकल्पना 1997 में तत्कालीन प्रधानमंत्री अटलबिहारी वाजपेयी द्वारा की गई थी, लेकिन बाद में आई सरकार की नीतियों के कारण यह अटकी रही.
प्रधानमंत्री ने कहा कि पूर्व सरकार के स्वभाव में था लटकाना, अटकाना और भटकाना. इसके कारण 10 लाख करोड़ की परियोजनाएं अटकी पड़ी थीं, लेकिन हमारी सरकार में प्रोजेक्ट न तो अटकते हैं और न लटकते हैं.
तेजी से बढ़ रहा है एविएशन उद्योग
प्रधानमंत्री मोदी के अनुसार आज देश में सरकारी एवं निजी क्षेत्र की कंपनियों को मिलाकर कुल 450 विमान ही हैं, जबकि पिछले एक साल में सरकार ने 900 और विमान खरीदने के ऑर्डर दिए हैं. ये विमान प्राप्त होने के बाद देश में नागर विमानन नक्शा बदल जाएगा.
मोदी ने रविवार को न्हावा शेवा के जवाहरलाल नेहरू पोर्ट पर चौथे कंटेनर टर्मिनल का भी उद्घाटन किया. उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा शुरू की गई सागरमाला परियोजना सिर्फ बंदरगाहों के विकास तक सीमित नहीं है.